कफन
Timeless टाइमलेस कालजयी रचना कौन सी होती है? बहुत बहुत सीधा सा अर्थ है जिस पर समय की धूल न जमी बरसो बरसो गुजर जाने के बाद भी कहीं से पुरानी ना लगे,1936 में पहली बार मुंशी प्रेमचंद की एक शॉर्ट स्टोरीज पब्लिश हुई थी जामिया में, जिसका नाम था कफन, कफन 1936 में पहली बार सुनी गई पढ़ी गई और इस वक्त 2021 में पचासी साल गुजर जाने के बाद भी उतनी रिलेवेंट है,उतनी ही प्रसांगिक है उतनी ही चुभती भी है । और यही वजह है कि मैंने यह किताब पढ़ा और आपके सामने इसके बारे में बताना चाहता हूं । एक बात मैं आपको रिक्वेस्ट करूंगा कि कफन का जो युग है वह हमारे और आपके समय से बहुत बहुत पुरानी है । हम मे ज्यादा तर लोग अनुभव नहीं किये हैं हमारे पूर्वज किये होंगे {दादा, परदादा (grandfather) } ।
ना अपने सामने फसल का संकट है, ना लगान भरने का संकट है, ना भूख का संकट है, ना गरीबी का इतना बड़ा संकट है ।
लेकिन एक कनेक्टिविटी की गुजारिश आपसे करूंगा जैसे जब आप और कोई मूवी देखते हैं एग्जांपल के लिए अवेंजर, स्पाइडर मैन , इस मूवी से आपका क्या कनेक्टिविटी है और आप कितना जानते हैं फिर भी आप जुड़ जाते हैं आप एक अलग युग (universe ) में ट्रांसफर हो जाते हैं इसी तरह से इस कहानी में आप ट्रांसफर हो सकते हैं । अपना पुराना हिंदुस्तान में । ये कहानी हमसे और आपसे सिधा {डायरेक्ट (direct) } ना सही इनडायरेक्ट indirect रिश्ता है आपना देश, समाज हिन्दूस्तान आज भी यहि अतका हुआ है। शायद आप और हम/मै बहुत आगे निकल गये। लेकिन हिन्दूस्तान का एक बड़ा हिस्सा आज भी इसी परिस्थिति(situation)से गुजरता हैं ।
अब आते हैं इस किताब की कहानी पर :-
यह कहानी है घीसू और माधव की घीसु और माधव बाप बेटे हैं जिसमे घीसु पिता है और माधव बेटा । कहानी शुरू होती है बुधिया से जो कि माधव की पत्नी है घीसु की बहू , बुधिया बीमार है । तो बुढ़िया की सख्त बीमारी से ये कहानी शुरु होती हैऔर जहाँ खत्म होती है, वहां तक पहुंचते-पहुंचते मैं एक बात दावे (गारंटी)से कह सकता हूं कि यह कहानी आपको दिल जीत लेगी ।
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